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kyu

नौकरी वाली बहु के लालच ने आपको कितना भरमाया था,
अपने ही बेटे  के जीवन से खिलवाड़ रचाया था ।
मैं तो परायी थी मेरे साथ गलत तो समझ आता है,
किस स्वार्थ ने आपसे आपके बेटे का सर कटाया था ।

मेरी पिता की बातों में मेरे पढ़े लिखे होने का गुरूर था है रहेगा ।
फिर आज उनकी बातों ने  आपको  क्यूं जलाया है ।
मेरी मां ने कहा तो था कि बहुत बोलती हूँ मैं आपने स्वीकार वही किया,
फिर शादी होते ही मेरे बोलने का आपने तमाशा बनाया था ।
कहा था मेरे भाई ने बात बर्दास्त नही होती इससे जवाब देती है,
उस कमी को भी पहले आपने गले लगाया था,
फिर शादी होते ही क्यों सफाई देने को उल्टा जवाब बताकर
मेरे पति को मेरे खिलाफ खड़ा कराया था ।
कहा था मेरी मां ने सिर्फ पढ़ाया है,काम नही करवाया
उस वक्त अपनाकर
क्यों शादी होते ही काम को लेकर इतना तमाशा करवाया था ।

मुझे लुसेंट,घटनाचक्र,सोशल वर्क,न्याय,से सर फुड़वाया था ,
sdm कलेक्टर बनाने का उन्होंने सपना पाला था ।
सीधी शादी सब चुपचाप सहने वाली नही थी ये सब आपको पहले ही बताया था ।तो फिर मुझपर क्यों हाथ उठवाया था ।

फिर क्यों आज शादी को हम दोनों की बर्बादी बनाया है ।
जीवनसाथी है हम पर साथ साथ नही चल सकते
आप बड़े थे फिर क्यों हमारा सफर इतना कठिन बनाया है ।
बस इतना कहिये हम दोनो ने किसी का क्या बिगाड़ा था ।©purnima

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