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क्या सिर्फ मायका दोषी

कुछ लोगो को शायद अपनी कहानी लगे ।plz पोस्ट का मतलब न तो किसी को भड़काना है ,न किसी को चोट पहुँचाना ।
बस इतना ही समझिएगा की अधिकतर लोग अपने व्यवहार पर ध्यान नही देते ।सिर्फ मायके को दोषी बना देते है ।5% करते होंगे ऐसा पर 95% मायका अपनी बेटी को खुश देखना चाहता है,वो उसका घर नही बिगाड़ते ,अब सुरक्षा न दे मरने के लिए नही छोड़ सकते ।ससुराल वाले बहुत से ऐसे है जिनके पास बहुत ऑप्शन होता है ,वो बहु को मार भी देते है ।
तो महराज सिर्फ मायके को न दोष दे ,बेटे का घर -गृहस्थी उजाड़ने में बेटे की माँ का भी बहुत बड़ा रोल होता है ।40% सास बहू को गृहस्थी सिखाने में सच मे परेशान होती है ,उन्हें हो सकता है बुरा समझ लिया जाए पर वो बहु- बेटे के बीच नही आती ।छोटी छोटी बात पर बेटे का कान भरती ।खुद को प्रताड़ित मां का रोल नही अदा करती । पर 60% सास बेटे को खोने के डर से,बहु के पल्ले से बंधने के डर से,अपने कुर्सी के डर से  बहुत हद तक नीचे गिर जाती है ।
कुछ  बहुत ही आदर्श बेटे,परिवार परिवार करने वाले खुद के सास -ससुर को गाली भी दे लेंगे मारने पीटने की बात भी कर लेते है ।खुद के परिवार में कोई बिना गाली दिए बात भी न निकालता हो,और बड़ो,वृद्धो को (अपने घर के मेम्बर ,और कुछ बहुत निजी रिश्तेदार को छोड़कर) सबका नाम ही लेंगे रिश्ते से कोई लेना देना नही ।

 (बहु के मायके वाले रिश्तेदार में नही आते क्योंकि उनको तो वैसे भी सम्मान नही मिलता) 

पत्नी से (उस घर के मेम्बर बहु से)  तब भी नाराज ही रहेंगे,संस्कार खराब संस्कार खराब ही  कहते है ।
 जबकि लड़की गाली नही देती,
हर किसी का सम्मान करती है ।जिससे जो रिश्ता है वही कहती है  ।
फिर......
कोई गलती न होने पर भी उसे गलत कहा जाए वो सफाई दे तो पलट कर जवाब देती है कहा जाता है,आदर्श बेटे ये उम्मीद करते है कि उनकी पत्नी गलती तव भी सर पर ओढ़ ले ।

तब उस संस्कार विहीन लड़की ने अपने ससुराल के संस्कार को अंगीकार करना शुरू किया तो...
आदर्श बेटे मायके का रास्ता दिखाने लग जाते है ।
 घर नई लड़की के आने से नही टूटता ।आपके पहले से टूटी गृहस्थी,डर, लालच,अपने हीन भावना  से टूट जाता है ।
दामाद के आने से कोई ससुराल नही टूटता ।क्योंकि दामाद के ससुराल वालों को कोई डर नही होता ।
आप लोग दिल पर हाथ रखकर बताइए जितने लोगो का घर चल रहा है अच्छे से ,पति पत्नी के संबंध अच्छे है ।परिवार में हंसी है,प्यार है ,वो सिर्फ बहु को दबाये जाने ,उसके सहनशीलता ,उसके साथ बदतमीजी के बाद भी चुप्पी से चल रहा या परिवार के आपसी व्यवहार,सामंजस्य से चल रहा है ।
मेरा मानना है कि बहु खुश तो परिवार खुश ..बहु खुश तो वो खुद परिवार को लेकर चलेगी बिना किसी दबाव के ।
बड़ी खुशी से ।मायके को भूल ही जाएगी ।क्योंकि पति और अपना परिवार स्त्री का सबसे खूबसूरत सपना होता है। वो चाहे जिस भी मुकाम पर हो ।

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