कुछ रिश्ते कभी मरते नही हैं
रह जाते हैं यादों में
बरसती पलकों की
एक दो बूंदों में
चैन की नींदों भरी रातों के
बिसरे हुए ख्वाबो में।
कुछ रिश्ते कभी मरते नही
गाहे बगाहे कभी जब कभी
कोई गीत बज उठता कहीं
दर्द सा उठ खड़ा होता वो
किसी कहानी का कोई किरदार
अनायास ही किसी चेहरे सा
आंखों में तिरता रह जाता है
कुछ रिश्ते कभी मरते नही।
कोई लफ्ज़ किसी पन्ने पर
किसी अखबार की कहानी में
किसी छुवन का अहसास दिलाता
कोई चेहरा राह चलते कहीं यूँ ही
किसी भूले हुए की याद दिलाता
कुछ रिश्ते कभी मरा नही करते
वो धड़कनों के साथ चला करते हैं।
रह जाते हैं यादों में
बरसती पलकों की
एक दो बूंदों में
चैन की नींदों भरी रातों के
बिसरे हुए ख्वाबो में।
कुछ रिश्ते कभी मरते नही
गाहे बगाहे कभी जब कभी
कोई गीत बज उठता कहीं
दर्द सा उठ खड़ा होता वो
किसी कहानी का कोई किरदार
अनायास ही किसी चेहरे सा
आंखों में तिरता रह जाता है
कुछ रिश्ते कभी मरते नही।
कोई लफ्ज़ किसी पन्ने पर
किसी अखबार की कहानी में
किसी छुवन का अहसास दिलाता
कोई चेहरा राह चलते कहीं यूँ ही
किसी भूले हुए की याद दिलाता
कुछ रिश्ते कभी मरा नही करते
वो धड़कनों के साथ चला करते हैं।
Comments
Post a Comment