लड़कियों के सपनों के राजकुमार
अब मोहब्बत लेकर नही आते..
वो आते है दहेज की शर्त पर ।
सिंदूर की चटक आभा,
सुहाग के सब प्रतिचिह्न
अब सौभाग्य से नही मिलते...
खरीदे जाते हैं ।
कभी लाखों में...
कभी हजारों में...
कभी जमीन गिरवी रखकर...
कभी मकान गिरवी रखकर ।
रिश्ते अब जुड़ते नही मोलभाव होता है...
बिकते है बाजारों में ।
अब बेटियां सपने नही बुन पाती...
पिता के आंसुओं का बोझ ढोती है...
लड़कियों की जिंदगी का सबसे खूबसूरत सपना ...
दब जाता दहेज के बोझ तले...
और रह जाती है एक कसक..
अब मोहब्बत लेकर नही आते..
वो आते है दहेज की शर्त पर ।
सिंदूर की चटक आभा,
सुहाग के सब प्रतिचिह्न
अब सौभाग्य से नही मिलते...
खरीदे जाते हैं ।
कभी लाखों में...
कभी हजारों में...
कभी जमीन गिरवी रखकर...
कभी मकान गिरवी रखकर ।
रिश्ते अब जुड़ते नही मोलभाव होता है...
बिकते है बाजारों में ।
अब बेटियां सपने नही बुन पाती...
पिता के आंसुओं का बोझ ढोती है...
लड़कियों की जिंदगी का सबसे खूबसूरत सपना ...
दब जाता दहेज के बोझ तले...
और रह जाती है एक कसक..
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